अमेरिका के राष्ट्रपति भवन को क्यों कहा जाता है व्हाइट हाउस? जानिए सैकड़ों साल पुराना इतिहास || amerika ke raashtrapati bhavan ko kyon kaha jaata hai vhait haus? jaanie saikadon saal puraana itihaas || Why is the Rashtrapati Bhavan of America called the White House? Know hundreds of years old history || Sumit Saini IQ
जय हिन्द दोस्तों
आप सभी को नए साल की बहुत-बहुत शुभकामनाएं और मैं उम्मीद करता हूं कि आपका यह साल बहुत ही अच्छा गुजरे
दुनिया के लगभग हर देश में राष्ट्रपतियों के रहने के लिए एक आधिकारिक आवास बनाया गया है। भारत में तो इसे राष्ट्रपति भवन के नाम से ही जानते हैं, लेकिन अमेरिका में राष्ट्रपति भवन को 'व्हाइट हाउस' कहा जाता है। हालांकि हमेशा से इसका नाम व्हाइट हाउस नहीं था। जब इसका निर्माण हुआ था, तब इसका नाम 'प्रेसीडेंट्स पैलेस' या 'प्रेसीडेंट मैंशन' था। तो आखिर ऐसी क्या वजह थी कि इसका नाम 'व्हाइट हाउस' रखा गया? दरअसल, इसके पीछे 118 साल पुराना इतिहास छुपा हुआ है, जिसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
व्हाइट हाउस' सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति का निवास स्थान ही नहीं बल्कि यह अमेरिका की एतिहासिक विरासत का एक उत्कृष्ट नमूना भी है। व्हाइट हाउस में हर वो सुविधा मौजूद है जो किसी भी ताकतवर देश के पास रहने की अपेक्षा की जाती है। इसके अंदर एक बंकर भी मौजूद है, जो किसी मुसीबत के वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके परिवार को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
आयरलैंड में पैदा हुए जेम्स होबन ने व्हाइट हाउस का डिजाइन तैयार किया था। इसका निर्माण कार्य साल 1792 से 1800 के बीच यानी आठ साल में पूरा हो गया था। आपको जानकर हैरानी होगी कि आज व्हाइट हाउस जहां पर खड़ा है, वहां पर कभी जंगल और पहाड़ थे।
व्हाइट हाउस में कुल 132 कमरे हैं। इसके अलावा इसमें 35 बाथरूम, 412 दरवाजे, 147 खिड़कियां, 28 अंगीठी, 8 सीढ़ियां और तीन लिफ्ट भी हैं। छह मंजिला इस इमारत में दो बेसमेंट, दो पब्लिक फ्लोर और बाकी के फ्लोर को अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा व्हाइट हाउस में पांच फुलटाइम शेफ काम करते हैं और भवन के अंदर 140 मेहमानों के एकसाथ रात्रि भोजन की व्यवस्था है।
व्हाइट हाउस की बाहरी दीवारों को पेंट करने के लिए 570 गैलन रंग की जरूरत पड़ती है। बताया जाता है कि साल 1994 में व्हाइट हाउस को पेंट करने का खर्च दो लाख 83 हजार डॉलर यानी करीब एक करोड़ 72 लाख रुपये से ज्यादा आया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति भवन का नाम व्हाइट हाउस पड़ने के पीछे कहानी ये है कि साल 1814 में ब्रिटिश आर्मी ने वाशिंगटन डीसी में बहुत सी जगहों पर आग लगा दी थी। इसमें व्हाइट हाउस भी शामिल था। इस आग की वजह से इसकी दीवारों की खूबसूरती चली गई, जिसके बाद इमारत को फिर से आकर्षक बनाने के लिए उसे सफेद रंग से रंग दिया गया। इसके बाद से ही इसे 'व्हाइट हाउस' कहा जाने लगा। फिर साल 1901 में अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट ने आधिकारिक रूप से इसका नाम व्हाउस हाउस ही रख दिया।
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