अमूमन फिजिकल चेकअप के दौरान डाॅक्टर मरीजों से कहते हैं कि मुंह खोलिए, जबान बाहर निकालिए, ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि मरीज के गले की जांच की जा सके। डाक्टर अभिषेक बताते हैं कि टाॅर्च की मदद से भी फिरंक्स (phyrynx) की जांच की जाती है, जिसमें देखा जाता है कि मरीज को कहीं टाॅन्सिल या फिर आयडोनाइड की समस्या तो नहीं है। या फिर मरीज को कंजेक्टिवाइटिस की समस्या तो नहीं है। कंजेक्टिवाइटिस की बीमारी बच्चों से लेकर बड़ों को होती है। इसके कारण गले में लालीपन व सूजन आ जाता है। डाॅक्टर टार्च की मदद से उसी की जांच करते हैं।
जीभ से भी पता चलता है आपके स्वास्थ्य का राज
चाइल्ड स्पेशलिस्ट डाॅक्टर अभिषेक बताते हैं कि फिजिकल चेकअप के दौरान मरीज को जीभ निकालने को भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि हम जीभ में लार के लेवल को देखते हैं। यदि जीभ में लार नहीं होगा इसका मतलब यह कि मरीज डिहाइड्रेशन की समस्या से जूझ रहा है। वहीं यदि जीभ में पर्याप्त मात्रा में लार है तो इसका अर्थ यह हुआ कि मरीज के शरीर में पानी की कमी नहीं है।
गले को छूकर की जाती है जांच
फिजिकल चेकअप की जांच की बात बताते हुए डाक्टर अभिषेक बताते हैं कि गले को छूकर लिंफ लोड (lymph nodes) की जांच की जाती है। वहीं यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि कहीं इसका आकार बढ़ा को नहीं है। वहीं गर्दन को छूकर गले में होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारी जैसे मम्स, टाॅन्सिल से संबंधित व अन्य बीमारी की भी जांच की जाती है।
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