पक्षियों (Birds) की उड़ने (Fly) के लिए इंसान (Humans) के पास पंख (Wings) होने ही काफी नहीं होगा. उसके न उड़ पाने की और भी वजहें होती है.
सभी की बचपन में कम से कम एक बार उड़ने (Flying) की इच्छा जरूर पैदा हुई होगी. लेकिन जब हमने बड़ों से यह सवाल पूछा था कि हम उड़ क्यों नहीं सकते तो क्या जवाब मिला था. अगर आज हमसे कोई पूछे कि इंसान (Humans) उड़ क्यों नहीं सकता तो इस सवाल का क्या जवाब होगा. यह बात बहुत से लोगों बड़ी उम्र तक हैरान करती है कि छोटे पक्षी (Birds) तक जिस काम को आसानी से कर जाते हैं हम इंसान क्यों नहीं कर पाते हैं. आज हम इसी सवाल का जवाब का ढूढेंगे.इस सवाल का जवाब हमें ज्यादातर यही मिलता है कि हमारे पर पंख नहीं होते इसलिए हम इंसान उड़ नहीं सकते. हम जब पंछियों की तरह पंख भी लगा लें तो धरती हमें खींच लेती है, लेकिन जब पक्षी अपने पंख फड़फडाते हैं तो वे हवा में उड़ने लगते हैं. तो पहले हम पंख की ही पहेली को सुलझाते हैं.
पंखों में क्या होता है खास
पक्षियों के पंखों में खास बात होती है और वह यह कि उनके पंख इस तरह से बने जिससे वे हवा को सही तरीके से काटते हैं इससे उनके उड़ने की क्रिया सफल होती है. वहीं हम इंसानों के पास जो भुजाएं होती हैं वह पंखों का काम नहीं कर सकती हैं जिससे हम उड़ नहीं पाते
फिर हम पंख लगाकर उड़ क्यों नहीं सकते
लेकिन क्या अगर हमारे पंख लग जाएं तो भी क्या हम उड़ पाएंगे. इस सवाल का संबंध हमारे वजन से है. आमतौर पर पक्षी बहुत हल्के होते हैं और यही वजह है कि उनके हल्के वजन के कारण उनके पंख उन्हें हवा में उड़ने देने के लिए काफी हैं. यही वजह है कि जितना बड़ा और भारी पक्षी होता है उसके पंख उतने ही विशाल होते हैं.
इंसान के साथ समस्या
इसी लिए आपने देखा होगा है कि जब इंसान को अपने पंख बनाने होते हैं तो वह एक ग्लाइडर जितने बड़े होते हैं. लेकिन यहां एक दूसरी समस्या खड़ी हो जाती है वह यह कि हमारे कंधों और हाथों में इतनी ताकत नहीं होती है कि हमारे वजन के लायक पंख हम संभाल सकें. इसीलिए ग्लाइडर के जरिए उड़ना भी हमारे लिए आसान नहीं होता. उसे नियंत्रित करना बहुत मुश्किल काम होता है
तो फिर पक्षी आखिर पंखों से उड़ते कैसे हैं
जब पक्षी हवा में उड़ते हैं तो हवा उनके फैले पंखों के ऊपर और नीचे दोनों से तो गुजरती है, लेकिन दोनों की गति में अंतर आ जाता है. पंखों की बनावट ऐसी होती है कि पंखो के ऊपर हवा की गति पंखों के नीचे की गति के मुकाबले हमेशा ही ज्यादा होती है. इसका नतीजा यह होता है कि पंखों के ऊपर नीचे के मुकाबले दबाव कम होता है. इस वजह से पक्षी हवा में ऊपर ही बना रहता है और नीचे नहीं गिर पाता है. यही सिद्धांत ग्लाइडर और हवाई जहाजों में भी लागू होता है. लेकिन जितना वजन वे उठाते हैं उसकी तुलना में उनके पंख उतने ही बड़े बनाने पड़ते हैं
वहीं पंखों का फड़फड़ाना भी एक अहम क्रिया है. इससे पक्षी ऐसा बल लगा पाते हैं जिसे वे हवा में आगे की ओर बढ़ते हैं और उसी की वजह से वे ऊंचाई तक भी जा सकते हैं ऐसा ग्लाइडर में नहीं हो पाता है और विमानों में इसके लिए अलग से व्यवस्थाएं होती हैं.
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